Friday, 1 December 2017

सोचो आर्य सन्देश कैसे बात करते थे?

सोचो आर्य सन्देश 

भारतमेंप्रचलितइतिहासकेलेखकमुग़लसल्तनतकेसभीशासकोंकेमध्यअकबरकोविशिष्टस्थानदेतेहुएअकबर"महान" केनामसेसम्बोधितकरतेहैं।किसीभीहस्तीको "महान" बतानेकेलिएउसकाजीवन, उसकाआचरणमहानलोगोंकेजैसाहोनाचाहिए।अकबरकेजीवनकेएकआधपहलुजैसेदीन--इलाहीमतचलाना, हिन्दुओंसेकरआदिहटानाकोयेलेखकबढ़ाचढ़ाकरबतानेमेंकोईकसरनहींछोड़तेमगरअकबरकेजीवनकेअनेकऐसेपहलुहैजिनसेभारतीयजनमानसकापरिचयनहींहैं।इसलेखकेमाध्यमसेहमअकबरकेमहानहोनेकीसमीक्षाकरेंगे।
व्यक्तिगतजीवनमेंमहानअकबरकईइतिहासकारअकबरकोसबसेसुन्दरआदमीघोषितकरतेहैं।
अकबर
विन्सेंटस्मिथइससुंदरताकावर्णनयूँकरतेहैं
-सोचो कैसे
अकबरएकऔसतदर्जेकीलम्बाईकाथा।उसकेबाएंपैरमेंलंगड़ापनथा।उसकासिरअपनेदायेंकंधेकीतरफझुकारहताथा।उसकीनाकछोटीथीजिसकीहड्डीबाहरकोनिकलीहुईथी।उसकेनाककेनथुनेऐसेदीखतेथेजैसेवोगुस्सेमेंहो।आधेमटरकेदानेकेबराबरएकमस्साउसकेहोंठऔरनथुनोंकोमिलाताथा।वहगहरेरंगकाथा।
अबुलफज़लनेअकबरकेहरमकोइसतरहवर्णितकियाहै- “अकबरकेहरममेंपांचहजारऔरतेंथीऔरहरएककाअपनाअलगघरथा।येपांचहजारऔरतेंउसकी 36 पत्नियोंसेअलगथी।
बाबरशराबकाशौक़ीनथा, इतनाकिअधिकतरसमयधुतरहताथा। 


[बाबरनामा]सोचो कैसेहुमायूंअफीमकाशौक़ीनथाऔरइसवजहसेबहुतलाचारभीहोगयाथा।अकबरनेयेदोनोंआदतेंअपनेपिताऔरदादासेविरासतमेंलीथी।
नेकदिलअकबरग़ाजीकाआगाज़
6नवम्बर1556को14सालकीआयुमेंअकबरनेपानीपतकीलड़ाईमेंभागलियाथा।हिंदूराजाहेमूकीसेनामुग़लसेनाकोखदेड़रहीथीकिअचानकहेमूकोआँखमेंतीरलगाऔरवहबेहोशहोगया।उसेमरासोचकरउसकीसेनामेंभगदड़मचगयी।तबहेमूकोबेहोशीकीहालतमेंअकबरकेसामनेलायागयाऔरइसनेबहादुरीसेबेहोशहेमूकासिरकाटलिया।एकगैरमुस्लिमकोमौतकेघाटउतारनेकेकारणअकबरकोगाजीकेखिताबसेनवाजागया।हेमूकेसिरकोकाबुलभिजादियागयाएवंउसकेधड़कोदिल्लीकेदरवाजेसेलटकादियागया।जिससेनएबादशाहकीरहमदिलीसबकोपताचलसके।अकबरकीसेनादिल्लीमेंमारकाटकरअपनेपूर्वजोंकीविरासतकापालनकरतेहुएकाफिरोंकेसिरोंसेमीनारबनाकरजीतकाजश्नबनायागया।अकबरनेहेमूकेबूढ़ेपिताकोभीकटवाडालाऔरऔरतोंकोशाहीहरममेंभिजवादिया।अपनेआपकोगाज़ीसिद्धकरअकबरनेअपनी महानता कापरिचयदियाथा।
अकबरऔरबैरमखानहुमायूँकीबहनकीबेटीसलीमाजोअकबरकीरिश्तेमेंबहनथीकानिकाहअकबरकेपालनहारऔरहुमायूँकेविश्वस्तबैरमखानकेसाथहुआथा।इसीबैरमखाननेअकबरकोयुद्धपरयुद्धजीतकरभारतकाशासकबनायाथा।एकबारबैरमखानसेअकबरकिसीकारणसेरुष्टहोगया।अकबरनेअपनेपितातुल्यबैरमखानकोदेशनिकालादेदिया।निर्वासितजीवनमेंबैरमखानकीहत्याहोगई।पाठकइसहत्याकेकारणपरविचारकरसकतेहै।अकबरयहाँतकभीनहींरुका।उसनेबैरमखानकीविधवा, हुमायूँकीबहनऔरबाबरकीपोतीसलीमाकेसाथनिकाहकरअपनीमहानताकोसिद्धकिया। सोचो कैसे?
स्त्रियोंकेसंगव्यवहार
बुंदेलखंडकीरानीदुर्गावतीकीछोटीसीरियासतथी।न्यायप्रियरानीकेराज्यमेंप्रजासुखीथी।अकबरकीटेढ़ीनज़रसेरानीकीछोटीसीरियासतभीबचनसकी।अकबरअपनीबड़ीसेफौजलेकररानीकेराज्यपरचढ़आया।रानीकेअनेकसैनिकअकबरकीफौजदेखकरउसकासाथछोड़भागखड़ेहुए।परफिरहिम्मतनहारी।युद्धक्षेत्रमेंलड़तेहुएरानीतीरलगनेसेघायलहोगई।घायलरानीनेअपवित्रहोनेसेअच्छावीरगतिकोप्राप्तहोनास्वीकारकिया।अपनेहृदयमेंखंजरमारकररानीनेअपनीजीवनलीलासमाप्तकरली।अकबरकारानीकीरियासतपरअधिकारतोहोगया।मगररानीकीवीरताऔरसाहससेउसकेकठोरहृदयनहींपिघला।अपनेसेकहींकमजोरपरअत्याचारकरअकबरनेअपनीमहानताकोसिद्धकियाथा।
न्यायकारीअकबर
थानेश्वरमेंदोसंप्रदायोंकुरुऔरपुरीकेबीचपूजाकीजगहकोलेकरविवादचलरहाथा।दोनोंनेअकबरकेसमक्षविवादसुलझानेकानिवेदनकिया।सोचो कैसे?अकबरनेआदेशदियाकिदोनोंआपसमेंलड़ेंऔरजीतनेवालाजगहपरकब्ज़ाकरले।उनमूर्खआत्मघातीलोगोंनेआपसमेंहीअस्त्रशस्त्रोंसेलड़ाईशुरूकरदी।जबपुरीपक्षजीतनेलगातोअकबरनेअपनेसैनिकोंकोकुरुपक्षकीतरफसेलड़नेकाआदेशदिया।औरअंतमेंइसनेदोनोंतरफकेलोगोंकोहीअपनेसैनिकोंसेमरवाडाला।फिरअकबरमहानजोरसेहंसा।अकबरकेजीवनीलेखककेअनुसारअकबरनेइससंघर्षमेंखूबआनंदलिया।इतिहासकारविन्सेंटस्मिथअकबरकेइसकुकृत्यकीआलोचनाकरतेहुए 
उसकीइसमहानताकीभर्तसनाकरतेहै।सोचो कैसे?
चित्तौड़गढ़काकत्लेआम
अकबरनेइतिहासकेसबसेबड़ेकत्लेआममेंसेएकचित्तौड़गढ़काकत्लेआमअपनेहाथोंसेअंजामदियाथा।चित्तोड़केकिलेमें 8000 वीरराजपूतयोद्धाकेसाथ 40000 सहायकरुकेहुएथे।लगातारसंघर्षकेपश्चातभीअकबरकोसफलतानहींमिली।एकदिनअकबरनेकिलेकीदीवारकानिरिक्षणकरतेहुएएकप्रभावशालीपुरुषकोदेखा।अपनीबन्दुककानिशानालगाकरअकबरनेगोलीचलादी।वहवीरयोद्धाजयमलथे।अकबरकीगोलीलगनेसेउनकीअकालमृत्युहोगई।राजपूतोंनेकेसरियाबानापहना।चित्तोड़कीकिलेसेधुँएकीलपटेदूरदूरतकउठनेलगी।यहवीरक्षत्राणीयोंकेजौहरकीलपटेथी।अकबरकेजीवनीलेखकअबुलफ़ज़लकेअनुसारकरीब 300 राजपूतऔरतोंनेआगमेंकूदकरअपनेसतीत्वकीरक्षाकरीथी।सोचो कैसे?राजपूतोंकीरक्षापंक्तिकोतोड़पानेमेंअसफलरहनेपरअकबरनेपागलहाथीराजपूतोंकोकुचलनेकेलिएछोड़दिए।तबकहींवीरराजपूतझुंकेथे।राजपूतसेनाकेसंहारकेपश्चातभीअकबरकादिलनहींभराऔरउसनेअपनीदरियादिलीकाप्रदर्शनकरतेहुएकिलेकेसहायकोंकेकत्लेआमकाहुकुमदेदिया।इतिहासकारउसदिनमरनेवालोंकीसंख्या 30,000 लिखतेहैं।बचेहुएलोगोंकोबंदीबनालियागया।कत्लेआमकेपश्चातवीरराजपूतोंकेशरीरसेउतारेगएजनेऊकाभार 74 मननिकलाथा।इसकत्लेआमसेअकबरनेअपनेआपकोमहानसिद्धकियाथा।
शराबकाशौक़ीनअकबर
सूरतकीएकघटनाकाअबुलफजलनेअपनेलेखोंमेंवर्णनकियाहैं।एकरातअकबरनेजमकरशराबपी।शराबकेनशेमेंउसेशरारतसूझीऔरउसनेदोराजपूतोंकोविपरीतदिशासेभागकरवापिसआएंगेऔरमध्यमेंहथियारलेकरखड़ेहुएव्यक्तिकोस्पर्शकरेंगे।जबअकबरकीबारीआईतोनशेमेंवहएकतलवारकोअपनेशरीरमेंघोंपनेहीवालाथातभीअपनीस्वामीभक्तिकाप्रदर्शनकरतेहुएराजामानसिंहनेअपनेपैरसेतलवारकोलातमारकरसरकादिया।अन्यथाबाबरकेकुलकेदीपककावहीअस्तहोगयाहोता।नशेमेंधूतअकबरनेइसेबदतमीजीसमझमानसिंहपरहमलाबोलदियाऔरउसकीगर्दनपकड़ली।मानसिंहकेउसदिनप्राणनिकलगएहोतेअगरमुजफ्फरनेअकबरकीऊँगलीकोमरोड़करउसेचोटिलनकरदियाहोता।हालांकिकुछदिनोंमेंअकबरकीऊँगलीपरलगीचोटठीकहोगई।मजेअपनेपूर्वजोंकीमर्यादाकापालनकरतेहुए "महान" अकबरनेयहसिद्धकरदियाकीवहतबतकपीताथाजबतकउससेनसंभलाजाता था।
खूंखारअकबरएकयुद्धसेअकबरनेलौटकरहुसैनकुलीखानद्वारालायेगएयुद्धबंधकोंकोसजासुनाई।मसूदहुसैनमिर्जाजिसकीआँखेँसीलदीगईथीकीआँखेंखोलनेकाआदेशदेकरअकबरसाक्षातपिशाचकेसमानबंधकोंपरटूटपड़ा।उन्हेंघोड़े,गधेऔरकुत्तोंकीखालमेंलपेटकरघुमाना, उनपरमरतेतकअत्याचारकरना, हाथियोंसेकुचलवानाआदिअकबरकेप्रियदंडथे।सोचो कैसे?निस्संदेहउसकेइनविभित्सअत्याचारोंमेंकहींनकहींउसकेतातारपूर्वजोंकाखूंखारलहूबोलताथा।जोउससेनिश्चितरूप "महान" सिद्धकरताथा।
अय्याशमहानअकबरघोरविलासी,अय्याशबादशाहथा।वहसुन्दरहिन्दूयुवतियोंकोअपनीयौनेच्छाकाशिकारबनानेकीजुगतमेंरहताथा।वहएक "मीनाबाजार"लगवाताथा।उसबाजारमेंकेवलमहिलाओंकाप्रवेशहोसकताथाऔरकेवलमहिलाएंहीसमानबेचतीथी।अकबरछिपकरमीणाबाज़ारमेंआनेवालीहिन्दूयुवतियोंपरनिगाहरखताथा।जिसेपसन्दकरताथाउसेबुलावाभेजताथा।डिंगलकाव्यसुकविबीकानेरकेक्षत्रियपृथ्वीराजउनदिनोंदिल्लीमेंरहतेथे।उनकीनवविवाहितापत्नीकिरणदेवीपरमधार्मिक, हिन्दुत्वाभिमानी, पत्नीव्रतानारीथी।वहसौन्दर्यकीसाकारप्रतिमाथी।उसनेअकबरकेमीनाबाजारकेबारेमेंतरह-तरहकीबातेंसुनीं।एकदिनवहवीरांगनाकटारछिपाकरमीनाबाजारजापहुंची।धूर्तअकबरपासहीमेंएकपरदेकेपीछेबैठाहुआआनेजानेवालीयुवतियोंकोदेखरहाथा।अकबरकीनिगाहजैसेहीकिरणदेवीकेसौन्दर्यपरपड़ीवहपागलहोउठा।अपनीसेविकाकोसंकेतकरबोला "किसीभीतरहइसमृगनयनीकोलेकरमेरेपासआओमुंहमांगाइनाममिलेगा।" किरणदेवीबाजारकीएकआभूषणकीदुकानपरखड़ीकुछकंगनदेखरहीथी।अकबरकीसेविकावहांपहुंची।धीरेसेबोली-"इसदुकानपरसाधारणकंगनहैं।चलो, मैंआपकोअच्छेकंगनदिखाऊंगी।" किरणदेवीउसकेपीछे-पीछेचलदी।उसेएककमरेमेंलेगई।

पहलेसेछुपाअकबरउसकमरेमेंआपहुंचा।पलकझपकतेहीकिरणदेवीसबकुछसमझगई।बोली "ओहमैंआजदिल्लीकेबादशाहकेसामनेखड़ीहूं।" अकबरनेमीठीमीठीबातेंकरजैसेहीहिन्दूललनाकाहाथपकड़नाचाहाकिउसनेसिंहनीकारूपधारणकर, उसकीटांगमेंऐसीलातमारीकिवहजमीनपरआपड़ा।किरणदेवीनेअकबरकीछातीपरअपनापैररखाऔरकटारहाथमेंलेकरदहाड़पड़ी "कामीआजमैंतुझेहिन्दूललनाओंकीआबरूलूटनेकामजाचखायेदेतीहूं।तेरापेटफाड़कररक्तपानकरूंगी।"
धूर्तअकबरपसीनेसेतरबतरहोउठा।हाथजोड़करबोला, "मुझेमाफकरो, रानी।मैंभविष्यमेंकभीऐसाअक्षम्यअपराधनहींकरूंगा।" किरणदेवीबोली-"बादशाहअकबर, यहध्यानरखनाकिहिन्दूनारीकासतीत्वखेलनेकीनहींउसकेसामनेसिरझुकानेकीबातहै।"
अकबरकिरणदेवीकेचरणोंमेंपड़ाथरथरकांपरहाथा।उसनेकिरणदेवीसेअपनेप्राणोंकीभीखमांगीऔरमीनाबाजारकोसदाकेलिएबंदकरनास्वीकारकिया।इसप्रकारसेमीनाबाजारकेनाटकपरसदासदाकेलिएपटाक्षेपपड़गयाथा।भारतकेशहंशाहअकबरहिन्दूललनाकेपांवतलेरुदतेहुएअपनीमहानताकोसिद्धकररहाथा।
एककविनेउसस्थितिकाचित्रइनशब्दोंमेंखींचाहै सिंहनी-सीझपट, दपटचढ़ीछातीपर, मानोशठदानवपरदुर्गातेजधारीहै। गर्जकरबोलीदुष्ट! मीनाकेबाजारमेंमिस, छीनाअबलाओंकासतीत्वदुराचारीहै। अकबर! आजराजपूतानीसेपालापड़ा, पाजीचालबाजीसबभूलतीतिहारीहै। करलेखुदाकोयादभेजतीयमालयको, देख! यहप्यासीतेरेखूनकीकटारीहै। ऐसेमहानदादाकेमहानपोतेस्वनामधन्यअकबरमहानकेजीवनकेकुछदृश्यआपकेसामनेरखे।इसकाममेंहमकिसीहिन्दुवादीइतिहासकारकेप्रमाणदेतेतोहमपरदोषारोपणलगताकिआपअकबरमहानसेचिढ़तेहैं।हमनेप्रमाणरूपमेंअबुलफज़ल (अकबरकाखासदरबारी) कीआइनएअकबरीऔरअकबरनामाकेआधारपरअकबरकेजीवनपरसबसेज्यादाप्रामाणिकइतिहासकारविन्सेंटस्मिथकीअंग्रेजीकीकिताबअकबर- दग्रेटमुग़लसेसभीप्रमाणलिएहैं।यहाँयादरहेकियेदोनोंलेखकसदायहप्रयासकरतेरहेकिइन्होनेअकबरकीप्रशंसामेंअनेकअतिश्योक्तिपूर्णबातेंलिखीऔरअकबरकीबहुतसीकमियांछुपाई।मगरअकबरके "महान" कर्मोंकाप्रतापहीकुछऐसाथाकिसच्चाईसौपरदेफाड़करउसीतरहसामनेआजातीहैजैसेकिअँधेरेकोचीरकरउजालाआजाताहैं।सोचो कैसे?

अबभीअगरकोईअकबरकोमहानकहनाचाहेगातोउसेसंतुष्टकरनेकेलिएमहानकीपरिभाषाकोहीबदलनापड़ेग।

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